चरित्र और आचरण- चरित्र निर्माण पर स्वामी विवेकनन्द के विचारों पर आधारित एक लेख

चरित्र बहुत हद तक आचरण का ही दूसरा नाम है। आप जैसे हैं वैसे ही आचरण करते हैं । यदि आप अच्छे नहीं हैं । तो कभी अच्छा आचरण नहीं कर सकते हैं। आप खुद से भी अच्छे कैसे बन सकते हैं? प्रयास के साथ विद्या नैतिक आचरण के अभ्यास के द्वारा यह संभव है।…

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